तुला लग्न के लिए केतु का सप्तम भाव में गोचर
जब केतु तुला लग्न के सप्तम भाव में गोचर करता है, तो विवाह, साझेदारी और सार्वजनिक संबंधों में वैराग्य आता है। दूसरों से अपेक्षाएँ कम होती हैं, जिससे संबंधों में भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है। व्यावसायिक साझेदारियाँ औपचारिक या कर्मिक स्वरूप ले सकती हैं। यह समय स्वतंत्रता और प्रतिबद्धता के संतुलन की परीक्षा लेता है।
मूल व्यक्तित्व
- दूसरों पर निर्भरता कम
- साझेदारी में तटस्थता
- स्व-परिभाषा मजबूत
- भावनात्मक आवश्यकता में कमी
विवाह व संबंध
- भावनात्मक दूरी संभव
- साथी से अपेक्षाएँ कम
- कर्मिक विषय उभरते हैं
- ईमानदार संवाद आवश्यक
व्यवसाय व साझेदारी
- औपचारिक साझेदारियाँ
- समझौते में अरुचि
- स्पष्ट अनुबंध ज़रूरी
- स्वतंत्र निर्णय क्षमता
सार्वजनिक व्यवहार
- तटस्थ सार्वजनिक छवि
- स्वीकृति की चाह कम
- पेशेवर दूरी लाभकारी
- इरादों की गलत समझ संभव
मानसिक स्थिति
- स्वतंत्रता की चाह
- भावनात्मक सपाटता
- सीमाओं से स्पष्टता
- ग्राउंडिंग से जुड़ाव
Strengths
- संबंधों में स्वतंत्रता
- सीमाएँ तय करने की क्षमता
- वस्तुनिष्ठ निर्णय
- भावनात्मक निर्भरता में कमी
Challenges
- संबंधों में शीतलता
- साथी से गलतफहमी
- प्रतिबद्धता में झिझक
- सार्वजनिक दूरी
Closing Insight: यह गोचर साझेदारी की परिभाषा बदलता है। स्पष्टता और सीमाओं से केतु वैराग्य को संतुलित संबंधों में बदल देता है।
Ketu Transit › Libra Ascendant › House 8
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